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Saturday, 16 May 2020

कोरोना वायरस के बीच आई अनूठी खबर, मणिपुर में बनी देश की पहली ट्रांसजेंडर फुटबॉल टीम

|इंफाल| हमने अपनी इस दुनिया को महिला और पुरुष दो विभाग में बांट रखा है. इनके अलावा हम बाकियों को अलग नजर से देखते हैं. वो लोग जो कुछ लोगों के मुताबिक हमारे समाज में फिट नहीं बैठते. हालांकि इनके सपने और इच्छाएं हम जैसी ही होती है. भारत (India) के मणिपुर (Manipur) में देश की पहली ट्रांसजेंडर फुटबॉल टीम बनाई गई है. इसमें शामिल खिलाड़ी वह लोग है जिन्हें उनके लिंग के कारण खेलने का मौका नहीं मिलता. हालांकि वह किसी भी तरह से कम नहीं है. देश भर में आज जहां कोरोना वायरस के कारण सबकुछ बंद, सबकुछ खत्म सा लगने लगा है वहां यह खबर एक नई शुरुआत की उम्मीद दिखाती है.

इस ट्रांसजेंडर टीम को तैयार किया है मणिपुर की राजधानी इंफाल के एक एनजीओ ने जिसका नाम है ‘या ऑल’. 2017 में शुरू हुए इस एनजीओ को LGBTQ समुदाय के लोग चलाते हैं. एनजीओ (NGO) का उद्देश्य मणिपुर में रह रहे समलैंगिक लोगों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित माहौल तैयार करना है. यह एनजीओ लोगों का मानसिक स्वास्थ्य सुधारने और उनके कल्याण के लिए भी काम करता है.

टीम की उपकप्तान के मन में आया था टीम बनाने का विचार
टीम की कप्तानी स्ट्राइकर निक के हाथों में है, जबकि दूसरे स्ट्राइकर चाकी को उपकप्तान बनाया गया है. पूजा और सिलेबी गोलकीपर हैं. नेली, मैक्स, थोई और सैंतोई टीम के मिडफील्डर हैं. स्टाइकर लेम भी इस टीम में शामिल हैं. केके, लाला, क्रिस्टीना, थोई एस और मिलर ने डिफेंडर की जिम्मेदारी संभाली है.

इस टीम को बनाने की इच्छा सबसे पहले टीम की उपकप्तान चाकी के मन में आई थी. उन्हें फुटबॉल खेलना बहुत पसंद था. हालांकि न तो उन्हें महिला टीम में मौका मिलता था न पुरुष टीम में.इसके बाद वह इंफाल के इस एनजीओ से मिली जिन्होंने उनका यह सपना पूरा किया. एनजीओ ने 14 सदस्य टीम बनाने के बाद 7-7 खिलाड़ियों की 2 टीम बनाकर इंफाल में एक मैच भी खेला.

ट्रांसजेंडर्स के लिए बराबरी चाहते हैं सदाम
एनजीओ के संस्थापक सदाम हंजबम ने देखा कि मैच खेलकर सभी खिलाड़ी बहुत खुश थे जिससे उन्हें इसे आगे ले जाने की प्रेरणा मिली. उनका मानना है कि इन मैचों का उद्देश्य यही है कि ये खिलाड़ी अपने खेल का मजा ले सकें और दुनिया को दिखा सकें कि साथ मिलकर ये क्या कर सकते हैं. इससे हमें समाज में किन्नरों के प्रति सोच में बदलाव लाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि हम सभी बड़ी फुटबॉल टीमों से इनकी मदद करने की अपील करते हैं|

|Article & Pic Source: News 18 |

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